नए टैरिफ प्लान से घटेगी जियो की आय, अधिक मार्केट शेयर पर नजर

कोलकाता। रिलायंस जियो के ज्यादा डेटा ऑफर करने वाले नए टैरिफ प्लान यह बताते हैं कि मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली यह कंपनी आक्रामक प्राइसिंग रणनीति के जरिए प्रतिद्वंद्वी टेलिकॉम कंपनियों का मार्केट शेयर छीनना चाहती है। वह इसके लिए शॉर्ट-टर्म में आमदनी का नुकसान भी उठाने को तैयार है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने एक नोट में लिखा है कि जियो के एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) में वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि, कंपनी के नए टैरिफ प्लान बताते हैं कि वह नए स्मार्टफोन यूजर्स को आकर्षित करने के लिए कम कीमत में ज्यादा डेटा देने की पोजिशन पर बनी रहेगी। एआरपीयू किसी टेलिकॉम कंपनी के प्रदर्शन को मापने का अहम पैमाना है। अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म ने अपने नोट में लिखा है, भारत में हर महीने करीब 1 करोड़ स्मार्टफोन बिक रहे हैं। हमारा अनुमान है कि जियो हर महीने 60 लाख नए स्मार्टफोन यूजर्स को अपने साथ जोड़ रही है। यह उसके बड़े मार्केट शेयर को दिखाता है, जिसे कम कीमत में ज्यादा डेटा देने की उसकी पोजिशन से फायदा मिल रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के मुताबिक, जियो का 399 रुपये का रिचार्ज पैक सबसे लोकप्रिय डेटा पैक है। इसमें 1जीबी 4जी डेटा सिर्फ 1.6 रुपये में मिल रहा है, जो भारती एयरटेल के 2.3 रुपये में 1 जीबी डेटा से काफी कम है। जियो ने मंगलवार को अपने टैरिफ प्लान में बदलाव किया था। कंपनी अब जून तक रिचार्ज कराने वाले प्रीपेड कस्टमर्स को रोजाना 1.5 जीबी अतिरिक्त 4जी डेटा ऑफर कर रही है। जियो के इस फैसले से टेलिकॉम मार्केट में छिड़ी प्राइस वॉर और तेज हो गई है।

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एनालिस्टों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर ने अपने हेडलाइन टैरिफ को जियो के बराबर लाने में सफलता पा ली थी, लेकिन वे कस्टमर्स को अलग-अलग (सेगमेंटेड) ऑफर दे रही थीं। ये ऑफर जियो जैसे या उससे बेहतर थे। इन अलग-अलग ऑफर के जरिए ये कंपनियां चुनिंदा कस्टमर्स को टारगेट कर उनके लिए ऑफर पेश करती थीं। इससे उन्हें कस्टमर्स को रिटेन करने में मदद मिल रही थी।बीएनपी पारिबा ने बताया कि एयरटेल के सेगमेंटड ऑफर के जवाब में जियो का नया प्रीपेड टैरिफ प्लान इंडस्ट्री के एआरपीयू पर और दबाव बढ़ाएगा। इससे खासतौर पर एयरटेल और आइडिया के एआरपीयू पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि, एनालिस्ट शॉर्ट टर्म में जियो के एआरपीयू में गिरावट से चिंतित नहीं है। मार्च तिमाही में जियो का एआरपीयू 154 रुपये से गिरकर 137 रुपये पर पहुंच गया था। इसके बाद भी यह आइडिया और एयरटेल के आरपू से ज्यादा था। मार्च तिमाही में आइडिया का एआरपीयू 105 रुपये और एयरटेल का 116 रुपये था।

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