तीन साल में धोखाधड़ी से बैंकों को हुआ 70 हजार करोड़ का नुकसान

2018 में बैंकों को सबसे ज्यादा चूना: सरकार

मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने राज्यसभा में दी।

नई दिल्ली। गत तीन वर्षों में भारतीय बैंकों को धोखाधड़ी के चलते 70 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। यह जानकारी मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने राज्यसभा में दी। उन्होंने अपने लिखित जवाब में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों को शामिल किया। उन्होंने कहा कि आरबीआई के मुताबिक मौजूदा वक्त में 139 कर्जदाताओं का औसत एनपीए एक हजार करोड़ से ज्यादा है।

शुक्ला ने बताया कि वित्त वर्ष 2015-16 में 16 हजार 409, 2016-17 में 16 हजार 652 और 2017-18 में सबसे ज्यादा 36 हजार 694 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई। यह आंकड़े पूर्व में दिए गए कर्ज, लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स से जुड़े हुए हैं। जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने, कर्ज में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार के कुछ मामलों की वजह से बैंकों की आर्थिक वृद्धि में कमी आई। हालांकि, बैंकों का ग्रॉस एडवांस 2014 में बढ़कर 68.75 लाख करोड़ हो गया। जबकि 2008 में यह 25.03 लाख करोड़ था।

 

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