जनसुविधा नहीं कमाई का धंधा बने टॉयलेट,

सोशल मीडिया पर यहां से शेयर करें
  • 1
    Share

प्राधिकरण अधिकारी मौनपांच सौ मीटर के दायरे में 6 शौचालय

नोएडा। प्राधिकरण की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर जगह-जगह शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। यह शौचालय ज्यादातर ऐसे स्थानों पर बने हैं। जहां इनकी बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं है लेकिन विज्ञापन की दृष्टि से देखा जाए तो यह प्वाइंट बहुत बेहतर है।
जहां पर इन शौचालयों के ऊपर विज्ञापन लगाने के लिए आसानी से मिल सकते हैं। 500 मीटर के दायरे में शौचालय बने हैं। सेक्टर-38ए स्थित जीआईपी मॉल के बाहर अलग-अलग जे टॉपर शौचालयों का निर्माण किया गया है। फिलहाल गेट नंबर 8 के बाहर सड़क पर ही गहरा गड्ढा खोदकर यहां टैंक बनाया जा रहा है। यहां खुदाई करने से पहले ना तो किसी से अनुमति ली गई है और ना ही नियमों का पालन किया गया हैं। वहीं डीएलएफ मॉल ऑफ़ इंडिया के आसपास 3 शौचालय बने हैं यहां भी इन शौचालयों पर विज्ञापन को ही फोकस किया गया है। सवाल उठता है कि जन सुविधा के नाम पर बनाए जा रहे यह शौचालय प्राधिकरण की नियत पर सवाल उठा रहे हैं। ज्यादातर शौचालय सड़क पर बने हैं। जहां गाड़ी रोकते ही जाम लगने की स्थिति बन जाएगी। सेक्टर-18 जीआईपी मॉल और डीएलएफ मॉल में अंदर कितने शौचालय बने हैं कि यहां आने वाले लोग उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। मगर बाहर बने शौचालय शहर की खूबसूरती को भी बिगाड़ रहे हैं।


सोशल मीडिया पर यहां से शेयर करें
  • 1
    Share

संबंधित ख़बरें