क्या लगा पाएगा कांग्रेस की नैया पार

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने किसानों को लुभाने के लिए सालाना 6000 रुपये देने की घोषणा की और प्रधानमंत्री मानदेय श्रम योजना लाकर असंगठित कामगारों पर निशाना साधा।
इसके जवाब में अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि यदि उनकी सरकार आई तो गरीबों को 72000 रुपये सालाना दिए जाएंगे यानी 6000 रुपये महीना। गरीबों के उत्थान के लिए अब तक का यह सबसे बड़ा ऐलान है। सवाल है कि क्या राहुल गांधी के इस ऐलान से कांग्रेस की नैय्या पार लग पाएगी क्योंकि सवर्ण जातियों में गरीब लोगों को 10 फीसदी भाजपा सरकार ने आरक्षण देकर लुभाने की पूरी कोशिश की अब कांग्रेस ने भी अपने चुनावी एजेंडे में गरीबों की मदद के लिए ऐसा ऐलान किया है। जो भाजपा के एजंडों पर भारी पड़ सकता है चुनाव के नतीजे ही बताएंगे कि राहुल गांधी का यह कार्ड कितना कारगर रहेगा। यूनिवर्सल बेसिक इनकम का कांसेप्ट भी देश में लाने की कोशिशे हुईं, मगर यह नहीं आ पाया। राहुल गांधी ने यूबीआई कही वकालत काफी समय पहले ही शुरू कर दी थी।
दूसरी ओर लोकसभा चुनाव में जब से प्रियंका गांधी उतरी है तब से वह अपनी जनसभाओं एवं जन संपर्क के दौरान सुरक्षा को तोड़कर बाहर निकल जाती हैं। निकलते ही गरीबों को गले लगाती हैं, उनके बच्चों को प्रचार में ही संग रख लेती हैं। गरीब महिलाओं को हाथों से सुरक्षा घेरन तोड़कर जूस पी लेती हैं। कांग्रेस की रणनीति बता रही है कि गरीबों की मदद एवं उन्हें लुभाने पर ही नैया पर लग सकती है।


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