कैडिला फार्मा के चेयरमैन राजीव मोदी का तलाक मंजूर पत्नी को दिए 200 करोड़ रुपए

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अहमदाबाद। गुजरात के नामी बिजनेसमैन राजीव मोदी और उनकी पत्नी मोनिका गरवारे के तलाक को फैमिली कोर्ट ने मंगलवार को मंजूर कर लिया। राजीव कैडिला फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के चेयरमैन हैं, जिसका सालाना टर्नओवर दो हजार करोड़ रुपए है। इस तलाक के बाद राजीव ने मोनिका को 200 करोड़ रुपए दिए। यह देश का दूसरा सबसे महंगा तलाक है। इससे पहले फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने अपनी पत्नी सुजैन खान को तलाक के बाद 400 करोड़ रुपए दिए थे।
मोनिका गरवारे और राजीव मोदी के बीच विवाद सबसे पहले अगस्त 2018 में सामने आया था। मोनिका ने पुलिस को दी शिकायत में राजीव पर व्यभिचार और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। इसके बाद राजीव ने मोनिका के सामने 200 करोड़ रुपए लेकर तलाक देने की शर्त रखी। इस शर्त में यह भी तय किया गया कि तलाक के बाद मोनिका राजीव की संपत्ति में हिस्सा नहीं मांगेंगी।
दोनों पक्षों के बीच अहमदाबाद के सोला थाने में हुए समझौते के मुताबिक, राजीव ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अंबावाड़ी ब्रांच में एक एस्क्रो अकाउंट खोला और उसमें 200 करोड़ रुपए जमा करा दिए। तलाक के बाद इस एस्क्रो बैंक अकाउंट के दस्तावेज मोनिका को सौंप दिए जाएंगे। इस हाईप्रोफाइल मामले के अंतिम फैसले के वक्त दोनों पक्षों के 35 लोग अदालत में मौजूद थे। फैमिली कोर्ट के फैसले के अनुसार, राजीव-मोनिका का 17 साल का बेटा अपने पिता की कस्टडी में रहेगा।
राजीव मोदी और मोनिका की शादी 18 जनवरी 1992 को हुई थी। शादी के कुछ साल बाद ही उनमें विवाद होने लगा। अगस्त 2018 में झगड़ा बढऩे पर उन्होंने तलाक के लिए आवेदन कर दिया। फैमिली कोर्ट के जज ने दोनों से पूछा कि तलाक के आवेदन पर क्या आपको दोबारा विचार करना है? राजीव-मोनिका ने जवाब दिया कि हम 2012 से अलग हैं। अब आपसी सहमति से अलग होना चाहते हैं।
मोनिका मुंबई स्थित पॉलिस्टर लिमिटेड के चेयरमैन शशिकांत गरवारे की बेटी हैं। वे इस कंपनी में वाइस चेयरमैन और ज्वॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। मोनिका ने न्यूयॉर्क के वास्सर कॉलेज से स्नातक किया। वहीं, जोसेफ आई लुबिन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री ली। मोनिका 10 कंपनियों के एक बोर्ड की भी डायरेक्टर हैं।


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