ईवीएम हैकिंग : खुलासे के बाद चढ़ा राजनीतिक पारा

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से कुछ ही समय पहले अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट द्वारा किए गए खुलासों से राजनीतिक पारा चढ़ गया है। साइबर एक्सपर्ट ने सोमवार को चुनाव में इस्तेमाल होने वाले ईवीएम को लेकर कई खुलासे किए। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की मौत को लेकर भी खुलासा किया।

हैकर के अनुसार, गोपीनाथ मुंडे की हत्या हुई थी। इस खुलासे के बाद भतीजे धनंजय मुंडे का कहना है कि गोपीनाथ मुंडे की मृत्यु की जांच रॉ अन्यथा सुप्रीम कोर्ट के जज की अगुवाई में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोपीनाथ मुंडे से प्रेम करने वालों ने उनकी मृत्यु पर हमेशा सवाल उठाया है, उन्होंने पूछा है कि यह दुर्घटना थी या कोई साजिश।

गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिलने के कुछ ही सप्ताह के भीतर दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में गोपीनाथ मुंडे की मृत्यु हो गई थी। साइबर एक्सपर्ट ने उनकी मौत से जुड़ा बड़ा खुलासा किया। एक्सपर्ट सैयद शुजा का दावा था कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी की जीत ईवीएम में घपले की वजह से हुई थी, इसी का राज गोपीनाथ मुंडे को पता था इसलिए उनकी हत्या करवा दी गई थी।

ईवीएम अभेद्य: आयोग
ईवीएम हैक की खुलासे बाद चुनाव आयोग ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है और कहा कि यह अभेद्य है। इसको हैक कर पाना आसान नहीं है। चुनाव आयोग के बयान के बाद भी इस मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

फिर सवालों के घेरे में ईवीएम
लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साइबर एक्सपर्ट सैयद शुजा ने दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में धांधली हुई थी, जिसकी मदद से बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई थी। एक्सपर्ट ने ये भी दावा किया था कि 2015 के दिल्ली चुनाव में उसने आम आदमी पार्टी के लिए ईवीएम हैक किया था। इस खुलासे के बाद ही ईवीएम पर एक बार फिर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी पार्टियां भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साध रही है, तो वहीं बीजेपी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल की मौजूदगी पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए सभी दावों को खारिज किया था और ईवीएम को बिल्कुल सुरक्षित बताया था।


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